📅 Monday, 30 March 2026
Breaking
Dhurandhar 2 Explained: Propaganda या Reality? Ranbir Film पर बड़ी बहसयूट्यूबर अनुराग डोभाल से सीखें आसान नहीं है सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की राह….राजनीति में न उम्र की सीमा, न रिटायरमेंट…कोलकाता यात्रा की कहानी :  20 रुपए में स्नान और 3000 रुपए में हुए मां काली के दर्शनगांव से गायब हो रहे हैं युवा : रोजगार की तलाश में भटक रहा है देश का भविष्यभोगनाडीह झडप के पीछे की राजनीति : सिदो कान्हों के बलिदान की नहीं झड़प की खबरेंDhurandhar 2 Explained: Propaganda या Reality? Ranbir Film पर बड़ी बहसयूट्यूबर अनुराग डोभाल से सीखें आसान नहीं है सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की राह….राजनीति में न उम्र की सीमा, न रिटायरमेंट…कोलकाता यात्रा की कहानी :  20 रुपए में स्नान और 3000 रुपए में हुए मां काली के दर्शनगांव से गायब हो रहे हैं युवा : रोजगार की तलाश में भटक रहा है देश का भविष्यभोगनाडीह झडप के पीछे की राजनीति : सिदो कान्हों के बलिदान की नहीं झड़प की खबरें
मेरे साथ चलिये रॉमजी फिल्म सिटी की यात्रा पर

मेरे साथ चलिये रॉमजी फिल्म सिटी की यात्रा पर

रॉमोजी फिल्म सिटी का सफर एक साथ कई फिल्मों से होकर गुजरने का सफर है. आप एक बार में पूरी फिल्म सिटी शायद ना घूम पायें क्योंकि मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ मैं पूरी फिल्म सिटी नहीं घूम सका. एडवेंचर का एक पूरा सेक्शन है वहां ” साहस” के नाम से. इस सेक्शन तक जब मैं पहुंचा टिकट बिकना बंद हो गया था.

मैं टिकट लेकर अंदर पहुंचा तो लगा जैसे ये कोई और ही दुनिया है, यहां घूमने के लिए कोई ई रिक्शा नहीं बड़ी- बड़ी बसें हैं एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सभी यात्रियों को बस से ले जाया जाता है. एक बस लेकर जाती है फिर दूसरी बस दूसरी जगह के लिए शानदार अनुभव रहा. अपनी इस यात्रा के दौरान मैं कई फिल्मों के सेट तक पहुंचा.

ये कहना मुश्किल है कि एक सेट पर कितनी फिल्में बनी है क्योंकि यहां एयरपोर्ट का सेट है, रेलवे स्टेशन का सेट है, बस डिपो है, पेट्रोल पंप है, गांव हैं, शहर है, अमेरिका, लंदन जैसे विदेशों के सेट है, जेल है,  बड़े मकान है और यहां यहीं सुर्यवंशम के ठाकुर साहब का घर भी है.

फूलों के बड़े- बड़े बागीचे, चिड़ियाघर एक बार में सभी का जिक्र करना मुश्किल है.  अबतक रॉमोजी फिल्म सिटी पर मैंने तीन व्लॉग बना दिया हैं. अब भी शायद दो व्लॉग आने बाकि हैं.  जिस दिन मैं रॉमोजी फिल्म सिटी में था वहां एक विशाल कार्यक्रम भी था शायद साधारण दिनों में इस तरह का कार्यक्रम होतो हो लेकिन उस दिन कुछ खास था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *