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मेरा वादा है तुझसे मैं फिर मिलूंगा कहीं !

मेरा वादा है तुझसे मैं फिर मिलूंगा कहीं !

मेरा वादा है तुझसे मैं  फिर मिलूंगा कहीं

मेरा वादा है तुझसे मैं  फिर मिलूंगा
कहीं
शायद तेरी आंखों में आंसु बनकर बहुंगा , तेरे स्वभाव में चिढ़  बनकर रहूंगा, अचानक तेरे सामने आऊंगा या एक अनजाना सा रहस्य बनकर रहूंगा.
मेरा वादा है तुझसे मैं फिर मिलूंगा कहीं
शायद तेरे चेहरे में डर बनकर,तेरी जिंदगी में हसंता हुआ शहर बनकर, गम में डूबेगी जब तेरी जिंदगी, तो तेरी खुशियों का पहर बनकर
मेरा वादा है तुझसे मैं फिर मिलूंगा कहीं
तेरी जिंदगी में एक कड़ती धुप बनकर, एक पल के लिए तो तुझे उसी धुप से राहत दे वो छांव बनकर,ठंड में तेरे जिस्म की गर्मी बनकर गर्मी में तेरे दिल की ठंडकर बनकर, तेरी उदासी को जो दूर कर दे वो हंसी बनकर, रात में एक अनोखा सा डर बनकर
मेरा वादा है तुझसे मैं तुझसे फिर मिलूंगा कहीं
शाम में ढलता हुआ सुरज बनकर, रात में तेरी आंखों की चांदनी बनकर, एक दिन जो बीत गया वो पल बनकर, आने वाले जन्म में तेरी खुशियां बनकर, मेरा वादा है तुझसे मैं तुझसे फिर मिलूंगा कहीं………………….

 

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