
jharkhand-tourism-analysis
बरसात में मेघालय, केरल, महाराष्ट्र (लोनावला) घूमने के लिए प्रसिद्ध है, गर्मियों में मनाली, लद्दाख जैसी ठंड वाली जगह, सर्दियों में राजस्थान (उदयपुर), केरल की यात्रा बेहतरीन मानी जाती है इसके अलावा, गोवा, शिमला, कश्मीर, ताजमहल, लाल किला और कई ऐतिहासिक जगहें अपनी अलग पहचान रखती है। देश में यात्रा के लिए इन लिस्ट में हम ( झारखंड) कहां खड़े हैं।
पर्यटन मंत्रालय ( Ministry of Tourism) के आंकड़े देखेंगे तो पायेंगे कि हम 12वें नंबर पर है। बिहार 9वें स्थान पर , ओड़िशा 10वें पर सबसे टॉप पर है यूपी( उत्तर प्रदेश)। पीआईबी की एक रिपोर्ट बताती है कि साल 2023 में घरेलू पर्यटक लगभग 3.58 करोड़, विदेशी पर्यटक: लगभग 1.89 लाख और घरेलू पर्यटन में राष्ट्रीय हिस्सेदारी लगभग 1.4%की है।
झारखंड में पर्यटन की संभावना क्या है ?
इस सवाल का जवाब बेहद सरल है, हमारे पास क्या नहीं है। जंगल, पहाड़, झरने, ऐतिहासिक धरोहर, कहानियां सब है। पूरे राज्य में 30 से अधिक प्रमुख जलप्रपात, वन्यजीव अभयारण्य. समृद्ध आदिवासी संस्कृति, धार्मिक स्थल (बैद्यनाथ धाम, पारसनाथ सहित कई), इको-टूरिज्म और एडवेंचर पर्यटन, खनन विरासत और भू-पर्यटन (Geo-tourism) की पूरी संभावना है।
मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने हाल ही में झारखंड के मेघाहातुबुरु (Meghahatuburu) हिल स्टेशन की छिपी हुई खूबसूरती की तस्वीर सोशल मीडिया पर की। अचानक झारखंड की चर्चा होने लगी। राज्य में कई ऐसे इलाके हैं जो बेहद खूबसूरत हैं और अब तक पर्यटकों का ध्यान इस तरफ नहीं गया। सरकार भी पूरा प्रयास कर रही है, इन तमाम प्रयासों के बीच पर्यटन क्षेत्र का राज्य की अर्थव्यवस्था (GSDP) में लगभग 6.3% योगदान है। राज्य हर संभव प्रयास कर रहा है कि पर्यटन के क्षेत्र को विकसित किया जाए। केंद्र सरकार से पर्यटन विकास के लिए सहायताविभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत झारखंड को 91.85 करोड़ स्वीकृत हुए, 57.60 करोड़ जारी किए गए, 20.67 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
फिर समस्या क्या है
सरकार का फोकस है, पैसे हैं, हमारे पास इतना सबकुछ है फिर समस्या क्या है ? झारखंड में कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें हैं जिन्हें वकसित किया जा सकता है, बेहतर रखरखाव का अभाव है, सुविधाओं का अभाव है। पर्यटन विभाग ने अगर भवन या कोई निर्माण किया भी है तो वो टूट रहे हैं, उसकी देखरेख नहीं हो पा रही है । हाल में ही मैं पलामू किला होकर लौटा वहां तक जाने की सड़क और झील तक पहुंचने का रास्ता खराब है। कई फॉल हैं लेकिन वहां देखरेख और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। इन सबसे अधिक समस्या है सुरक्षा की
मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती है वो एक घटना जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया तारीख – 1 मार्च 2024 (रात) स्थान: कुरुमाहाट गांव, हंसडीहा थाना क्षेत्र, दुमका। स्पेन की एक दंपति मोटरसाइकिल से पूरी दुनिया घूम रही थी। बांग्लादेश से भारत होते हुए नेपाल जा रहे थे। 1 मार्च 2024 की रात दोनों ने दुमका के हंसडीहा थाना क्षेत्र के कुरुमाहाट गांव के पास टेंट लगाकर यह दंपति ठहरा था 7–8 युवकों ने उन पर हमला किया। महिला पर्यटक के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपी पकड़े गये लेकिन इस घटना ने राज्य की छवि पर सवाल खड़ा कर दिया। इसी तरह अवैध पार्किग, अवैध टोल, जबरन वसूली के कई मामले हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल है जिसका जवाब तलाशे बगैर पर्यटन के विकास की उम्मीद बेकार है।
किससे सीखें
कोस्टा रिका (Costa Rica) मध्य अमेरिका में स्थित एक सुंदर देश है। इस देश की तुलना हम अपने राज्य से करें तो क्षेत्रफल: लगभग 51,100 वर्ग किमी (झारखंड से छोटा), 25% से अधिक भूमि राष्ट्रीय उद्यान और संरक्षित क्षेत्र जो इसकी पहचान है, हर वर्ष लाखों विदेशी पर्यटक आते हैं। पर्यटन से देश को कई अरब अमेरिकी डॉलर की आय होती है।
भूटान – सीमित संख्या में पर्यटक, लेकिन प्रति पर्यटक अधिक खर्च की नीति पर आते हैं, केरल – 1990 के दशक में इसने खुद को एक बेहतरीन पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित किया। बैकवॉटर, आयुर्वेद, समुद्र तट और इको-टूरिज्म को आधार बनाया
सिक्किम –छोटा राज्य लेकिन पर्यटकों की भीड़ होम-स्टे, ट्रेकिंग, जैविक खेती और बौद्ध संस्कृति को मजबूत आधार बनाया
रवांडा– कभी संघर्ष में था आज पर्यटकों की पसंद है। गोरिल्ला पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के कारण अफ्रीका के सफल पर्यटन मॉडल माना जाता है। अगर ऐसे उदाहरण तलाशेंगे तो संख्या बढ़ती जायेगी लेकिन हम कहां और कब पिछड़ रहे हैं यह समझना ज्यादा जरूरी है।

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